पीडीएस व्यवस्था में अनेक खामियां, जिला खाद्य अधिकारी की भूमिका संदिग्ध ।
*दंतेवाड़ा*
। जिले में संचालित उचित मूल्य की दुकानों में खामियां निरंतर आने लगी है ।
उल्लेखनीय है कि जिला खाद्य अधिकारी कीर्ति कौशिक के कार्यकाल में ऑनलाइन और ऑफलाइन दुकानों का आबंटन सुविधानुसार किया गया है। देखा गया है कि कई स्थानों में नेटवर्क की समस्या नहीं होने के बावजूद ऑफलाइन दुकान आबंटित किए गए हैं । और भ्रष्टाचार की शुरुआत यही से शुरू होती है।जहां विक्रेता से सांठगांठ कर गड़बड़ियां की जाती हैं। अंदरूनी इलाकों में संचालित दुकानों में भारी हेरफेर की शिकायतें अक्सर मिलती रहती है । गरीब तबके के लोगों को प्रदाय की जाने वाली सामग्री सीधे अधिक दामों में व्यापारी को बेच दी जाती है । चूंकि ऑफलाइन संचालित दुकानों में किसी तरह की तकनीक का सहारा नहीं लिया जाता ऐसे में राशन सामग्री में बड़े पैमाने में गड़बड़ियां करना आसान हो जाता हैं। बताना जरूरी है कि लंबे समय से दंतेवाड़ा में जमे वर्तमान अधिकारी का स्थानांतरण किए जाने की जरूरत है । सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रत्येक ऑफलाइन दुकानों से तय रकम वसूल की जाती है तय रकम नहीं देने पर ऑनलाइन किए जाने की धमकी भी दी जाती है ।