🔥गाजियाबाद में कायस्थ महासम्मेलन एवं चित्रांश संसद संपन्न🔥
🔥देशभर से जुटे 1500 से अधिक कायस्थ समाज के प्रतिनिधि, एकता और सामाजिक समरसता पर जोर🔥
गाजियाबाद। ( उत्तर प्रदेश )
के गाजियाबाद स्थित महाराजा अग्रसेन भवन, लोहिया नगर में कायस्थ महासम्मेलन एवं चित्रांश संसद का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री अरुण सक्सेना रहे।
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 1500 से अधिक कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रमाशंकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र श्रीवास्तव, प्रदेश महामंत्री राकेश श्रीवास्तव, मुख्य सलाहकार अनिल मेजरवार तथा साहित्य एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शिवशरण श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
सम्मेलन में पंजाब से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, उड़ीसा के प्रदेश महासचिव किशन पटनायक, लुधियाना से सुधीर श्रीवास्तव सहित देशभर से समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य देशभर में सक्रिय विभिन्न कायस्थ संगठनों के बीच एकता, समन्वय और भाईचारे की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, युवाओं की भूमिका, शिक्षा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रमाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव लेखनी, शिक्षा और न्याय का प्रतीक रहा है। इतिहास में ज्ञान, प्रशासन और संस्कार के क्षेत्र में कायस्थ समाज के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज के युवा प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल समाज के लोगों का मिलन समारोह नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का एक प्रयास है। आधुनिकता के साथ अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।
रमाशंकर श्रीवास्तव ने सफल आयोजन के लिए आयोजक समिति को बधाई दी और भगवान चित्रगुप्त से प्रार्थना की कि कायस्थ समाज इसी प्रकार संगठित होकर आगे बढ़े तथा समाज और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देता रहे।