गायत्री शक्तिपीठ बीजापुर का दसवां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिकोत्सव कलश यात्रा, हवन पूजन के साथ हुआ संपन्न
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- बीजापुर नगर के हृदय स्थल में चेतना के केंद्र के रूप में बने गायत्री शक्तिपीठ का वार्षिकोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिले के अनेक ग्रामों में संस्कारों की परिपाटी को जीवन एवं जागृत करने के लिए गायत्री परिवार का यह मंदिर वर्ष 2016 में बना था जिसका दसवां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव कार्यक्रम दिनांक 26 से 28 फरवरी में संपन्न हुआ । गायत्री शक्तिपीठ में विराजित माता गायत्री माता दुर्गा एवं माता सरस्वती का गर्भगृह में विधि विधान से प्रातः कालीन शुभ मुहूर्त में विशेष पूजन किया गया तत्पश्चात परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा में गुरु पूजन किया गया। 10:00 बजे से पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के में लोक कल्याण के लिए आहुतियां समर्पित की गई एवं आए हुए जिले के माता, बहनों,भाइयों ने कार्यक्रम में भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रथम दिवस 12 घंटे का गायत्री मंत्र का खंड जब प्रातः 6:00 से संध्या 6:00 बजे तक किया गया संध्या 7:00 बजे से सुंदरकांड रामायण पाठ का आयोजन मां दंतेश्वरी मानस मंडली एवं गायत्री परिवार के द्वारा किया गया। द्वितीय दिवस माता-पिता दिवस मनाया गया जहां पर बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा एवं महत्व को दर्शन दर्शाता हुआ संस्कार जागरण का कार्यक्रम पूरा किया गया ।
संध्या 5:00 बजे से नगर में माता बहिनों द्वारा मंगल कलश सर पर धारण कर नगर में कलश यात्रा निकाली गई और प्रज्ञा गीतों प्रज्ञा नारों एवं गायत्री मंत्र के उच्चारण से नगर में भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया गया । कलश यात्रा उपरांत आरती एवं दीपयज्ञ में भावनात्मक आहुतियां समर्पित की गई। कार्यक्रम में 11 दीक्षा संस्कार एवं एक अन्नप्राशन संस्कार तथा एक विवाह संस्कार संपन्न हुआ। पूर्णाहुति उपरांत आए हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए शक्तिपीठ में भोजन प्रसाद की व्यवस्था रखी गई थी जिसे सभी ने ग्रहण किया ।
कार्यक्रम का संचालन जगदलपुर के वर्तमान परिव्राजक अच्छे लाल साहू जी के द्वारा सुंदर भजन कीर्तन प्रज्ञा संगीत और कार्यकांड द्वारा युग निर्माण सृजन में आज के मानव की भागीदारी के महत्व को बताते हुए समयदान अंशदान व्यक्ति निर्माण परिवार निर्माण के सूत्रों को समझाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रमुख प्रबन्ध ट्रस्टी शंकर कुड़ियम,जिला समन्वयक बीरा राजबाबू वरिष्ठ परिजन विजय बहादुर राजभर व्यवस्थापक जयपाल सिंह राजपूत लेखा प्रभारी बैजनाथ गुप्ता, राहुल गुप्ता,अर्जुन वेको, रुक्मणी झाड़ी, अर्चना सिंह, रामयश विश्वकर्मा, मोहिनी साहू, गायत्री मरकाम, सहदे वाचम,महेश, दुर्गा वाचम , संतोष अग्गीवार, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष के संतोष, बुछैया पुजारी, कमला पुजारी, मंजू पुजारी, गारा लालैया, सरिता पसपुल, नमिता पसपुल, मनीष राजभर, नीला पेरमा, रामैया लम्बाड़ी, सुनील साहू, धनोज साहू, प्यारेलाल आदि अनेक परिजनों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया।
- बीजापुर नगर के हृदय स्थल में चेतना के केंद्र के रूप में बने गायत्री शक्तिपीठ का वार्षिकोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिले के अनेक ग्रामों में संस्कारों की परिपाटी को जीवन एवं जागृत करने के लिए गायत्री परिवार का यह मंदिर वर्ष 2016 में बना था जिसका दसवां प्राण प्रतिष्ठा वार्षिक उत्सव कार्यक्रम दिनांक 26 से 28 फरवरी में संपन्न हुआ । गायत्री शक्तिपीठ में विराजित माता गायत्री माता दुर्गा एवं माता सरस्वती का गर्भगृह में विधि विधान से प्रातः कालीन शुभ मुहूर्त में विशेष पूजन किया गया तत्पश्चात परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा में गुरु पूजन किया गया। 10:00 बजे से पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के में लोक कल्याण के लिए आहुतियां समर्पित की गई एवं आए हुए जिले के माता, बहनों,भाइयों ने कार्यक्रम में भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रथम दिवस 12 घंटे का गायत्री मंत्र का खंड जब प्रातः 6:00 से संध्या 6:00 बजे तक किया गया संध्या 7:00 बजे से सुंदरकांड रामायण पाठ का आयोजन मां दंतेश्वरी मानस मंडली एवं गायत्री परिवार के द्वारा किया गया। द्वितीय दिवस माता-पिता दिवस मनाया गया जहां पर बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा एवं महत्व को दर्शन दर्शाता हुआ संस्कार जागरण का कार्यक्रम पूरा किया गया ।
ब्यूरो चीफ***सिरोज विश्वाकर्मा
