🔥हड़ताली पटवारियों के समर्थन में उतरा कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, शासन-प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी🔥
🔥पटवारियों की मांगों को नजरअंदाज करने और कार्रवाई के नाम पर परेशान करने का लगाया आरोप, मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी🔥
बीजापुर।
जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों को अब कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का समर्थन मिल गया है। हड़ताल के दसवें दिन कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाकिर खान एवं जिला सचिव कैलाश रामटेके हड़ताल स्थल पर पहुंचे और पटवारी संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान महिला पटवारियों ने भी अपनी समस्याएं साझा करते हुए शासन-प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई।
पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। बरसात के मौसम में भारी बारिश, सर्पदंश और बिच्छू जैसे खतरों के बावजूद पटवारी शासन-प्रशासन द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरी निष्ठा से अंजाम देते रहे हैं। इसके बाद भी उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है।
25 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत, पदोन्नति और वेतन विसंगति का मुद्दा
पटवारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति का निराकरण और पीवी एप में आवश्यक सुधार को शामिल किया है। उनका कहना है कि कई पटवारी लगभग 25 वर्षों से एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही वेतन संबंधी विसंगतियां भी अब तक दूर नहीं हुई हैं।
पटवारियों ने यह भी आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान उनके खिलाफ स्थानांतरण, कारण बताओ नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
फेडरेशन ने कहा—पटवारियों को परेशान करना बंद करे शासन-प्रशासन
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाकिर खान और जिला सचिव कैलाश रामटेके ने पटवारियों की समस्याओं का समर्थन करते हुए शासन-प्रशासन से उनकी जायज मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। फेडरेशन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि उन्हें कार्रवाई के जरिए परेशान किया जाए।
फेडरेशन ने चेतावनी दी कि यदि पटवारियों की मांगों को इसी तरह नजरअंदाज किया गया और उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन पूरे छत्तीसगढ़ में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
फेडरेशन ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पटवारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो सके और राजस्व संबंधी कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सकें।
— कैलाश रामटेके, जिला सचिव, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, बीजापुर