🔥बीजापुर में बथुकम्मा उत्सव की धूम, 341 से अधिक पूजा स्थलों पर पहुंचे विधायक विक्रम मंडावी🔥
🔥“माँ बथुकम्मा हमारी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक” — विक्रम मंडावी🔥
बीजापुर, 19 अक्टूबर 2026।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ बथुकम्मा उत्सव की धूम देखने को मिल रही है। पारंपरिक गीतों, रंग-बिरंगे फूलों और सामूहिक नृत्य के बीच भोपालपटनम एवं उसूर क्षेत्र में उत्सव को लेकर खासा उत्साह नजर आया। इस दौरान विधायक विक्रम मंडावी ने अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान 341 से अधिक माँ बथुकम्मा पूजा स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और ग्रामीणों के साथ उत्सव की खुशियाँ साझा कीं।
फूलों की सजावट, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां
माँ बथुकम्मा उत्सव में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक परिधानों में सजकर गुनुगु, तंगेडु और चमंती सहित विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक बथुकम्मा सजाईं। फूलों को विशेष आकार में सजाकर माँ बथुकम्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। गांवों की गलियों में पारंपरिक लोकगीतों और तालियों की गूंज के बीच महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर उत्सव को सामूहिक उल्लास का रूप दिया।
विभिन्न गांवों में पहुंचने पर महिलाओं और युवतियों ने विधायक विक्रम मंडावी का स्वागत किया। विधायक ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। भोपालपटनम क्षेत्र के कई गांवों में देर रात तक गीत-संगीत और नृत्य का सिलसिला जारी रहा।
संस्कृति, प्रकृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक है बथुकम्मा
इस अवसर पर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा, “माँ बथुकम्मा उत्सव हमारी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को दर्शाता है। बीजापुर में इस उत्सव का बढ़ता दायरा हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।”
बथुकम्मा उत्सव में फूलों से सजी रचनाओं की पूजा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका जलाशयों में विसर्जन किया जाता है। यह परंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देती है।
तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं का संगम
बीजापुर में माँ बथुकम्मा उत्सव की व्यापक भागीदारी तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक मेलजोल को भी दर्शाती है। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय समुदायों को अपनी परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
चार दिवसीय दौरे के दौरान विधायक विक्रम मंडावी की विभिन्न पूजा स्थलों पर उपस्थिति और ग्रामीणों के साथ सहभागिता उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
माँ बथुकम्मा उत्सव ने बीजापुर के गांवों में भक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक सहभागिता का माहौल बनाया। रंग-बिरंगे फूलों, पारंपरिक गीतों और सामूहिक नृत्य के बीच यह उत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की जीवंत झलक पेश करता नजर आया।