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🔥फंदामुक्त जंगल की ओर कदम: मद्देड़ बफर में एंटी-स्नेयर वॉक, स्निफर डॉग स्क्वाड ने दिखाई ट्रैकिंग की दक्षता🔥

🔥वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जंगल में सघन गश्त🔥

🔥मॉक ड्रिल के जरिए वन अमले ने सीखी घटनास्थल की सुरक्षा, साक्ष्य संरक्षण और संदिग्ध तक पहुंचने की प्रक्रिया🔥

 

बीजापुर, 30 सितम्बर 2026/

वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण तथा जंगलों को फंदामुक्त बनाने की दिशा में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मद्देड़ बफर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एंटी-स्नेयर वॉक का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान वन विभाग के मैदानी अमले ने नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम एवं स्निफर डॉग स्क्वाड के साथ जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों एवं संभावित फंदों की तलाश की।

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर मद्देड़ बफर के पर्यवेक्षण में संचालित अभियान के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। टीम ने जंगल के विभिन्न हिस्सों में संभावित स्नेयर (फंदे), तार, रस्सी एवं अवैध शिकार में उपयोग की जा सकने वाली अन्य सामग्रियों की तलाश की। वनकर्मियों को संदिग्ध मानव गतिविधियों, पैरों के निशान, असामान्य आवाजाही एवं वन्यजीवों की उपस्थिति से जुड़े संकेतों को गंभीरता से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

स्निफर डॉग स्क्वाड के साथ मॉक ड्रिल

एंटी-स्नेयर अभियान के दौरान वन्यजीव अपराधों की जांच में स्निफर डॉग स्क्वाड के उपयोग को लेकर विशेष मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई। इसमें काल्पनिक रूप से जंगल में स्नेयर लगाए जाने की घटना तैयार कर वन अमले को पूरी कार्रवाई का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

मॉक ड्रिल में घटनास्थल की पहचान के बाद वहां उपलब्ध गंध एवं अन्य संकेतों के आधार पर प्रशिक्षित स्निफर डॉग के माध्यम से संभावित दिशा में ट्रैकिंग का अभ्यास किया गया। वनकर्मियों को घटनास्थल सुरक्षित रखने, महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने तथा डॉग स्क्वाड के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई करने की प्रक्रिया समझाई गई।

इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक वन्यजीव अपराध की स्थिति में घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति अथवा संभावित ठिकाने तक पहुंचने की कार्रवाई को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मैदानी अमले की दक्षता बढ़ाना रहा।

वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं फंदे

जंगलों में अवैध रूप से लगाए जाने वाले स्नेयर वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा होते हैं। इन फंदों में बाघ, तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर सहित अन्य वन्यजीव अनजाने में फंस सकते हैं। कई बार जंगल में छिपे फंदे लंबे समय तक दिखाई नहीं देते और वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नियमित एंटी-स्नेयर वॉक के माध्यम से संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की जांच की जा रही है। वन अमला जंगल में मानव गतिविधियों के संकेत, संदिग्ध रास्तों, कटे तार, पैरों के निशान एवं असामान्य आवाजाही जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रख रहा है।

मद्देड़ बफर क्षेत्र में आयोजित अभियान से मैदानी कर्मचारियों को वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के संबंध में व्यावहारिक अनुभव मिला। अभियान में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम ने भी वन विभाग के साथ समन्वय करते हुए एंटी-स्नेयर गतिविधियों एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यों में सहयोग प्रदान किया।

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