🔥सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान कार्यक्रम को कांग्रेस ने दिया राजनीतिक रंग: 🔥मतियास कुजूर🔥
बीजापुर।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष लालू राठौर द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता मतियास कुजूर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यक्रम की पूरी जानकारी लिए बिना प्रेस वार्ता कर तथ्यहीन आरोप लगाए हैं।
मतियास कुजूर ने कहा कि भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान और उनकी सेवाओं का सम्मान करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसी अवसर पर 55 सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद शासन के नियमानुसार कुछ अवधि के लिए पुनः कार्यरत हैं। ऐसे शिक्षकों को भी कार्यक्रम में उनके पूर्व शैक्षणिक योगदान के सम्मान में सम्मानित किया गया। कृष्ण दत्त राय (के.डी. राय) भी इसी सम्मान कार्यक्रम में सम्मानित किए गए शिक्षकों में शामिल थे। वहीं भाजपा में प्रवेश करने वाले शिक्षकों का प्रवेश कार्यक्रम का अलग हिस्सा था।
मतियास कुजूर ने कहा कि सम्मानित किया जाना और भाजपा की सदस्यता ग्रहण करना दो अलग-अलग विषय हैं। किसी शिक्षक के सम्मान को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर उनके वर्षों की सेवा और प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वारा बिना कार्यक्रम की वास्तविक जानकारी जाने लगाए गए आरोपों से ऐसा प्रतीत होता है कि सम्मान कार्यक्रम के उद्देश्य को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में भी कांग्रेस की ओर से के.डी. राय की पुनर्नियुक्ति और भाजपा सदस्यता को लेकर सवाल उठाए जाने का उल्लेख है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी लेना आवश्यक है। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किसी राजनीतिक विवाद का विषय नहीं, बल्कि उनके दीर्घकालीन योगदान के प्रति सम्मान की भावना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शिक्षकों को लेकर लगाए गए आरोपों और सम्मान कार्यक्रम की वास्तविकता के बीच अंतर समझना चाहिए तथा बिना पूरी जानकारी के किसी शिक्षक को सार्वजनिक रूप से विवाद में घसीटने से बचना चाहिए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष लालू राठौर और कांग्रेसी लोगों का हमेशा से झूठ बोलना मनगढंत आराेप लगाना और जनता को गुमराह करने का काम है।