🔥बीजापुर में बाहरी राज्यों से बढ़ते पलायन पर सीपीआई ने जताई चिंता, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 🔥
बीजापुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला कमेटी, बीजापुर ने जिले में अन्य राज्यों से लगातार आ रहे प्रवासियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि बीजापुर एक आदिवासी बहुल जिला है, जहां बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से लोगों का आगमन तेजी से बढ़ा है। .
सीपीआई ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 के बाद बाहरी लोगों का आगमन लगातार बढ़ा है और 2010 के बाद इसमें और तेजी आई है, जिससे जिले की जनसंख्या संरचना, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बीजापुर की अंतर्राज्यीय सीमा होने के कारण अवैध नशे की तस्करी की गतिविधियां बढ़ रही हैं और युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ रहा है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बाहरी लोग स्थानीय आदिवासियों को लालच देकर उनकी जमीनें खरीद रहे हैं तथा फर्जी जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
सीपीआई की प्रमुख मांगें
जिले में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का सत्यापन एवं निगरानी की जाए।
निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाया जाए।
वर्ष 2005 से 2026 तक जारी कथित फर्जी जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाकर संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जिले में भूमि संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
सीपीआई जिला कमेटी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और जिले की शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं।