एसडीएम भूपेन्द्र गावरे और तहसीलदार देवनन्दन टंडन के नेतृत्व में हुआ एक ही दिन में 9 लोगों का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ‘
डल्ला,मल्लेपल्ली और लंकापल्ली बाढ़ में फंसे सैलानियों एवं नवजात शिशु तथा मां को बाढ़ से सुरक्षित निकाला ।
बीजापुर में पिछले तीन दिवस से लगातार मूसलाधार भारी बारिश हो रही है
जिस कारण जिले के सभी नदी नाले ऊफान पर हैं जिस कारण जिले के बहुत सारे ग्रामों का नदी नालों में बाढ़ की वजह से संपर्क से टूट जाता है। उसूर ब्लॉक में ग्राम डल्ला में बाढ़ के कारण प्रसव से पीड़ित महिला के फंसे होने की जानकारी प्राप्त होने पर ‘
अनुविभागीय अधिकारी भूपेंद्र गावरे द्वारा तत्काल संज्ञान में लेकर तहसीलदार देवनंदन टंडन को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार टंडन पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल एसडीआरएफ की टीम एवं पटवारी विनीत मारके, मनीषा नागेश तथा चिकित्सक शिवा के स्वास्थ्य अमले के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू का जिम्मा हाथ में लेते हुए आज सुबह प्रसव हो चुके 1 नवजात शिशु एवं माता मोडियम मासे पति सुक्खू तथा मल्लेपल्ली की गर्भवती माता ऊईका सुक्की पति सन्नू का सफल रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया।
वहीं दूसरी ओर लंकापल्ली में झरने के सौंदर्य का आनन्द लेने पहुंचे 7 सैलानियों के पिछले 2 दिवस से फंसे होने की खबर हल्का पटवारी बीरा राजबाबू से मिलते ही रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचकर सभी पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया।
पर्यटकों में लंकापल्ली झरना देखने आये 3 दिवस से फंसे हुए मोहित कोर्राम पिता पूरनराम उम्र=23 ग्राम भैरमगढ़ संजयपरा, आशीष यादव पिता नरेश उम्र=25 ग्राम=भैरमगढ़ संजयपारा , निमित नंद पिता निलेश उम्र=20 ग्राम= बस्तर भाटिपारा,शिव कुमार कश्यप पिता लच्छूराम उम्र=19 ग्राम= बस्तर थाना पारा, ट्विंकल मौर्य पिता कमलू उम्र=20 ग्राम बस्तर मांझीपारा भूमिका कश्यप पिता जगबंधु उम्र=20 ग्राम बस्तर भाटपारा, संध्या यादव पिता डमरू उम्र=19 ग्राम बस्तर पुजारी पारा का सफल रेस्क्यू किया गया। मौके पर उपस्थित सभी ग्रामवासियों को तहसीलदार उसूर द्वारा बाढ़ की स्थिति में नदी नाले पार नहीं करने की हिदायत दी गई।
एसडीएम गावरे ने भी स्वयं क्षेत्र का जायजा लेते हुए पटवारी इंद्र कुमार झाड़ी,
रविन्द्र पुजारी और बंशीधर राणा को साथ लेकर नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा तक पहुंचकर बाढ़ एवं अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्राकृतिक क्षति से होने वाले नुकसान पर पीड़ितों को
तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए पटवारियों को RBC 6(4) के प्रकरण तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया।