हमारी मेहनत रंग लाई बस्तर की बदली तस्वीर, अब डर नहीं विकास दीख रहा चारों तरफ >जी. वेंकट भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ।
DNC न्यूज बीजापुर
ब्यूरो प्रमुख- सिरोज विश्वकर्मा
भाजपा नेता प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बीजापुर में पिछले कई वर्षों तक अध्यक्ष पद पर रहकर अपनी कार्य शैली से सभी को प्रभावित करने वाले जी . वेंकट ने बताया बदलते स्वरूप, माओवादी प्रभाव में आई कमी ।
और आदिवासी अंचलों में हो रहे विकास कार्यों को लेकर कहा ‘ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर आज एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। जो क्षेत्र कभी माओवाद और भय के पर्याय माने जाते थे, वहां अब – विकास, विश्वास और सुशासन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा आदिवासी समाज अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। जिन गांवों तक पहुंचना कभी सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए भी चुनौती था, वहां अब सड़कें पहुंच रही हैं, स्कूल खुल रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्षों तक माओवादी हिंसा के कारण
बस्तर काफी पीछे रहा है ।
जी. वेंकट ने कहा कि बस्तर के . विकास की असली कहानी वहां के आदिवासियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव में दिखाई देती है।
सरकार का प्रयास केवल सुरक्षा स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक विकास पहुंचाना है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में राशन, पहुँचना संभव हो पाया है।
वीचार धारा से कभी बहका नहीं जोगी सरकार के समय भी नहीं छोड़ा भाजपा का साथ ।
की उन्होंने कहा कि लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचारधारा से जुड़े रहे हैं। जब प्रदेश में अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी, उस समय कई भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जाते थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में उन्हें भी कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रत्यक्ष रूप से कहा गया ।
परंतु वे अपने विचारो पर अडिग रही
यही कारण है कि पार्टी का विश्वास आज भी बना हुआ है।
स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, आवास और शिक्षा जैसी आवश्यकताओं की सुनिश्चित की जा रही है।
एक समय था जब बस्तर संभाग के गांवों में माओवादियों का भय लोगों के बीच दिखाई देता था ।
नवसली समाज में नासूर बन चुके थे ।
शिक्षा और स्वास्थ्य को मिली गति
सरकार ने बंद विद्यालयों को पुनः संचालित करने का अभियान शुरू किया है। शिक्षकों की नियुक्ति और संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस सेवाओं का विस्तार किया गया है।
आदिवासी समाज को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास का सहभागी मानती है। वनाधिकार, रोजगार, शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ आदिवासी परिवारों को मिल रहा है।
‘राजनीति मेरे लिए केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। मैं संगठन और विचारधारा के लिए काम करता रहा हूं। कठिन परिस्थितियों में भी मैंने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा और आज भी उसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा हूं।’
एक समय था। जब ग्रामीण अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते थे और कई क्षेत्रों में प्रशासन का पहुंचना भी कठिन था। आज आदिवासियों के पास आधार कार्ड के साथ ही बैंक पासबुक है।
किसी तीसरे के मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं ।
अब मजदूर मेहनतकश लोग अपना पैसा खुद के खाते में प्राप्त कर रहे हैं।