बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण, 95 अधिकारी-कर्मचारियों को मिला कानूनी व न्यायालयीन प्रक्रिया का प्रशिक्षण ।
बीजापुर, 4 जुलाई। वनमंडल बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण एवं वन्यजीव अपराधों की रोकथाम को लेकर एक दिवसीय वनमंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 3 जुलाई 2026 को वनमंडलाधिकारी डॉ. जाधव सागर रामचंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण में डॉ. राजेंद्र मिश्रा एवं यश कुमार सोनी (अधिवक्ता, बांधवगढ़, मध्यप्रदेश) ने वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, आवास बहाली, कानूनी सहायता तथा न्यायालयीन प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में वनमंडल बीजापुर के कुल 95 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इसमें वनमंडलाधिकारी, उप वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, उप वनक्षेत्रपाल, वनपाल एवं वन रक्षक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव अपराधों की पहचान, साक्ष्य संकलन, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देना और प्रभावी गश्त एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों को प्रशिक्षित करना था।
प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से मैदानी अमलों की क्षमता बढ़ेगी और वे वन्यजीव अपराधों के मामलों में मजबूत कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रभावी परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस दौरान उप वनमंडलाधिकारी देवेंद्र गोंड ने सभी मैदानी कर्मचारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु शुरू होने के साथ ही किसान धान की बुआई कर रहे हैं। ऐसे समय में वन क्षेत्रों में लगातार गश्त करें तथा जंगलों में अवैध साफ-सफाई, वृक्षों की अवैध कटाई (गर्डलिंग) और अतिक्रमण पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर अतिक्रमण, अवैध साफ-सफाई या वृक्षों को नुकसान पहुंचाते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वन अपराध दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।