बीजापुर में संपन्न हुआ जनशताब्दी संकल्प अनुयाज शिविर ।
दिनांक 11 अप्रैल 2026 को गायत्री शक्तिपीठ बीजापुर में शान्तिकुंज प्रतिनिधि एवं प्रांत प्रभारी श्री सुखदेव भारद्वाज जी के मार्गदर्शन एवं शांतिकुंज छत्तीसगढ़ जोन कार्यालय से पधारे श्री परसराम कश्यप व राजू केसरवानी की उपस्थिति में बीजापुर जिले के चारों ब्लॉक से समस्त प्रकोष्ठों की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें जन्म शताब्दी संकल्प अनुयाज शिविर के माध्यम से लिए गए सत्संकलल्पों पर चिंतन मनन किया गया। दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। श्री सुखदेव जी के द्वारा जन्म शताब्दी के हरिद्वार में संपन्न हुए कार्यक्रम की दिव्यता और भव्यता और सामूहिक अनुशासन तथा गुरुदेव माताजी के महिमा पर प्रकाश डालते हुए चरणबद्ध रूपरेखा प्रस्तुत किया गया। ब्लॉक भैरमगढ़, बीजापुर, उसूर (आवापल्ली), एवं भोपालपटनम के ब्लॉक समन्वयकों द्वारा तिमाही प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें से भोपाल पटनम और उसूर ब्लॉक के परिजनों की कम संख्या होने के कारण प्रगति अपेक्षाकृत कम होना बताया गया। श्री सुखदेव जी ने रायपुर दुर्ग भिलाई और अन्य सघन कार्यकर्ता परिजनों के यहां से टोली बनाकर बीजापुर जिले के क्षेत्र में गुरु कार्य करने समयदान को योजना बनाकर कार्य करने हेतु सहयोग करने की मनसा बताई । प्रमुख प्रबन्ध ट्रस्टी,युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष एवं महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ने भी प्रगति और आगामी दिनों के कार्ययोजना को बताया। जिला समन्वयक द्वारा जिले की तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया एवं स्वालंबन शिविर आयोजन करवाने हेतु प्रस्ताव रखा जिस पर सहमति दिया गया। प्रज्ञा पीठ भैरमगढ़ से निवेदन किया गया की शान्तिकुंज से आशीर्वाद पत्र पूर्व की भांति शाखाओं में भेजा जाए। शक्तिपीठ व्यवस्थापक ने प्रांत प्रभारी से अनुरोध किया किछत्तीसगढ़ में जितने भी शक्तिपीठ शासकीय भूमि पर बने हैं जिनका विधिवत् स्वामित्व नहीं मिल पाया है उन्हें माननीय मुख्यमंत्री एवं अन्य संबंधित से मिलकर रियायत दर या विशेष छूट देकर भूमि को नियमितीकरण करने कहा गया जिस पर श्री सुखदेव जी ने आवेदन देने कहा गया और जशपुर जिले में कार्य प्रगति पर होना बताया गया। साधना संकल्प पत्रक वितरण किया गया एवं साधना किट तथा माता भगवती साहित्य ब्रह्म भोज मंगवाने कहा गया। नवंबर में पूर्णाहुति कार्यक्रम हेतु 5 रसीद बुक जिला समन्वयक को प्रदाय किया गया। प्रज्ञा गीत पश्चात आभार व्यक्त कर शांतिपाठ कर समापन किया गया।