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🔥कुप्पागुड़ा FOB का पहला वर्ष पूरा, 70 से अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण में अहम भूमिका🔥

🔥एक साल में 52 नक्सल डंप और 75 IED बरामद, 12 नक्सल स्मारक ध्वस्त; डीआईजी बीएस नेगी ने जवानों के कार्यों की सराहना की🔥

 

बीजापुर।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र अंतर्गत कुप्पागुड़ा में स्थापित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) ने अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया है। 6 अक्टूबर 2025 को स्थापित इस सुरक्षा कैंप की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर 12 अक्टूबर 2026 को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएस नेगी, उपमहानिरीक्षक, रेंज बीजापुर ने कैंप परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन 199वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडेंट आनंद कुमार के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर 196वीं वाहिनी के कमांडेंट कुमार मनीष, 170वीं वाहिनी के कमांडेंट सरकार राजा रमन, 168वीं वाहिनी के कमांडेंट आरएस जांगिड़ तथा बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता सहित सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

एक साल में नक्सल विरोधी अभियानों में कई उपलब्धियां

199वीं वाहिनी सीआरपीएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुप्पागुड़ा FOB की स्थापना के बाद बीते एक वर्ष में क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं। इन अभियानों में 70 से अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण में भूमिका निभाई गई। इसके अलावा 52 नक्सल डंप बरामद किए गए, जिनसे 500 से अधिक नक्सल संबंधी सामग्री मिली। इनमें 12 हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक तथा आईईडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री शामिल है।

सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों के दौरान कुल 75 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी बरामद कीं। इसके साथ ही नक्सल गतिविधियों से जुड़े 12 स्मारकों को ध्वस्त किया गया। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाना, विस्फोटक खतरों को निष्क्रिय करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना रहा।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के साथ विकास पर जोर

कुप्पागुड़ा और आसपास के गांव लंबे समय से नक्सल गतिविधियों तथा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौतियों का सामना करते रहे हैं। क्षेत्र में आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, बिजली और सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण रहा है।

सीआरपीएफ के अनुसार, FOB की स्थापना के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ग्रामीणों में विश्वास बढ़ाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय, ग्रामीणों से संवाद और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से सामान्य जनजीवन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

300 से अधिक ग्रामीणों की मौजूदगी में मंदिर का उद्घाटन

प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में आसपास के गांवों के 300 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। कुप्पापारा, इंदेडपारा, डोडीतुमनार, गायतापारा, गट्टूपारा, एंड्री, कुवेम, पटेलपारा, मोरुमपारा, मुकापारा, पेदापारा, गोटपल्ली, इरेनार, गदेपारा, लेकमपारा और हर्रा सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए।

मंदिर उद्घाटन के बाद चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। इसके बाद सामुदायिक भंडारे का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच आपसी मेलजोल, सहयोग और सौहार्द को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

डीआईजी ने जवानों का बढ़ाया उत्साह

मुख्य अतिथि बीएस नेगी ने सैनिक सम्मेलन के दौरान जवानों को संबोधित करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के साथ स्थानीय जनता के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने और जनसेवा के कार्यों में निरंतर योगदान देने के लिए जवानों को प्रेरित किया।

कुप्पागुड़ा FOB की पहली वर्षगांठ को सीआरपीएफ ने सुरक्षा, सेवा, समर्पण और जनविश्वास की दिशा में किए गए प्रयासों का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। वाहिनी ने भविष्य में भी स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण समुदाय के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा मजबूत करने तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

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