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🔥बीजापुर में गंदगी का अंबार, बीमारी को न्योता दे रहे कचरे के ढेर ।🔥

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    वार्ड क्रमांक 12 और 13 में मुख्य मार्ग पर पसरी गंदगी, मच्छर-मक्खियों का बढ़ा प्रकोप🔥 ।

🔥सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, पार्षद और पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लोगों ने जताई नाराजगी ।🔥

बीजापुर। ( छग )

बीजापुर शहर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 12 एवं 13 के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कचरे का ढेर नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में पड़ा कचरा मच्छर-मक्खियों को बढ़ावा दे रहा है और इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

 

वार्ड क्रमांक 12 के मावली बाजार से महादेव घाट मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बड़ी मात्रा में कचरा और गंदगी दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि जिस मार्ग से श्रद्धालु मंदिर की ओर जाते हैं, उसी स्वागत मार्ग पर कचरे का ढेर लगा हुआ है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। नियमित सफाई और कचरा उठाव नहीं होने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

 

🚨 जय स्तंभ चौक से महज 50 कदम की दूरी पर कचरे का ढेर ?

बीजापुर के जय स्तंभ चौक से करीब 50 कदम की दूरी पर सड़क के बीचों-बीच कचरा जमा होने की शिकायत सामने आई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क से जब वाहन गुजरते हैं तो आसपास जमा गंदगी और गंदा पानी राहगीरों पर पड़ जाता है।

एक राहगीर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोग घर से नहाकर-धोकर हाथ में जल लेकर भगवान को चढ़ाने के लिए निकलते हैं, लेकिन रास्ते में फैली गंदगी देखकर मन खराब हो जाता है।

🗣️ पार्षद बोले—लोगों को समझाते हैं, लेकिन नहीं मानते ?

मामले में वार्ड पार्षद का कहना है कि लोगों को बार-बार समझाया जाता है कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न डालें, लेकिन लोग बात नहीं मानते।

वहीं मंदिर के मुख्य पुजारी मनीराम यादव का कहना है कि लोगों को समझना चाहिए कि सड़क के बीचों-बीच कचरा डालने से राहगीरों के साथ-साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती है

⚖️ गंदगी फैलाने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान

सार्वजनिक स्थान पर कचरा डालना केवल सामाजिक समस्या ही नहीं, बल्कि स्थानीय नगरपालिका/स्वच्छता उपविधियों के तहत दंडनीय हो सकता है। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों को सार्वजनिक स्थानों की सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की

जिम्मेदारी दी गई है। वहीं Solid Waste Management Rules, 2016 के तहत भी कचरे को निर्धारित स्थान एवं व्यवस्था के अनुसार रखना और उसका निस्तारण करना आवश्यक है।

यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर सार्वजनिक मार्ग पर कचरा डालकर आम लोगों के आवागमन में बाधा या सार्वजनिक असुविधा उत्पन्न की जाती है, तो परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 285 जैसे प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

हालांकि किसी मामले में कौन-सी धारा लगेगी, यह घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जांच के आधार पर संबंधित अधिकारी तय करते हैं।

❓ सवाल अब नगर पालिका प्रशासन से

सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम कचरा जमा होने के बावजूद नियमित सफाई और कचरा उठाव क्यों नहीं हो रहा है?

क्या नगर पालिका द्वारा कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?

क्या संबंधित वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित होगी?

और क्या मुख्य मार्ग एवं मंदिर जाने वाले रास्ते को तत्काल साफ कराया जाएगा?

अब देखना होगा कि बीजापुर नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर स्वच्छता समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।

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