बिना नवीनीकृत लाइसेंस के बिक रहा था कीटनाशक? एसडीएम के निरीक्षण में खुलीं कई खामियां ।
नाही बोर्ड लगा है दुकान का ना हि वर्तमान पंजियन मौजूद किटनाशक बिक्री करने का।
भैरमगढ़। -23 – 06-2026
भैरमगढ़ ब्लॉक के स्थित कड़ती कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
एसडीएम विकास सर्वे एवं कृषि विभाग की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित दुकान का कीटनाशक विक्रय लाइसेंस समाप्त हो चुका है ।
और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
इसके बावजूद किसानों को कीटनाशक दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कड़ती कृषि केंद्र के दस्तावेजों की जांच की। एसडीएम विकास सर्वे ने बताया कि दुकान के पास अन्य आवश्यक लाइसेंस तो उपलब्ध हैं, लेकिन कीटनाशक लाइसेंस का नवीनीकरण पिछले छह माह से नहीं कराया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि खरीदी-बिक्री का अद्यतन रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं किया गया था। पंजीयन डायरी में लेन-देन का स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध नहीं मिला।
कृषि विभाग के ब्लॉक अधिकारी पिंगल नाग ने जांच के दौरान स्वीकार किया कि संबंधित दुकान के कीटनाशक लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। हालांकि यह पूछे जाने पर कि नवीनीकरण के बिना कीटनाशक की बिक्री की जा सकती है या नहीं, उन्होंने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने की बात कही। इस मामले में जब जिला कृषि अधिकारी प्रताप कुसरे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारी ने फ़ोन उठाने की जरूरत भी नही समझी ।
जानकारों के अनुसार कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 के तहत कीटनाशक विक्रय के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य है। लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण कराना आवश्यक होता है। साथ ही विक्रेताओं को खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज नियमित रूप से संधारित करना होता है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निरीक्षण के समय दुकान में खरीदी-बिक्री से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए तथा अनियमितताओं पर नाराजगी जताई। अब कृषि विभाग की आगे की कार्रवाई पर किसानों और क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।
क्या कहते हैं नियम?
• कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं नियम, 1971 के तहत वैध लाइसेंस के बिना कीटनाशक बिक्री नहीं की जा सकती।
• लाइसेंस की अवधि समाप्त होने पर समय पर नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
• विक्रेता को खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री संबंधी दस्तावेज संधारित करने होते हैं।
• किसानों को बिक्री के समय बिल या कैश मेमो देना आवश्यक है।
‘देखना दिलचस्प होगा कि अधिकारी करेंगे कार्यवाही या फिर होगी लिपापोती ?
• नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण अथवा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।