🔥पटवारी हो या तहसीलदार अवैध तरिके से प्राप्त वनाधिकार पत्र पर होगी कार्रवाई ।🔥
शासन द्वारा अवैध तरीके से प्राप्त किया गया वनाधिकार पत्र को निरस्त किया गया ।
🔥लगातार ग्रामिणों की शिकायत पश्चात जागा प्रशासन ।
।साधना चिड़ेम पति भानुप्रताप चिड़ेम का वन अधिकार पत्र निरस्त किया गया 🔥
।। ,साधना चीड़ेम के पति भानुप्रताप चिढ़ेम पटवारी पद पर पदस्थ है।
चुकिं नियम अनुसार वनाधिकार पत्र प्राप्तिके लिए 2005से पूर्व का कब्जा होना जरूरी है
। ग्रमीणों के अनुसार साधना चिढ़ेम 2005के बाद तोय नार से शादी होकर कुटरू आई थी ।
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उसके पूर्व वह तोयनार में रहती थी ।साधना चीड़ेम के सास एवं ससुर दोनों को वनाधिकार पत्र कुटरू में दिया गया था । जो उनके पास है।
,पति पत्नी दोनों में से किसी एक को ही वन अधिकार पत्र देने का प्रावधान शासन द्वारा जारी है,
चुकीं पति पत्नी एक ही परिवार के दो सदस्य होते है जिसको देखते हुए एवं लगातार ग्रामिणों का भी शिकायत पत्र शासन प्रशासन को मिलते ही प्रशासन ने इसे संज्ञान में लेकर साधना चीड़ेम का वनाधिकार पत्र निरस्त किया ।
एवं सरकारी वन भूमि से कब्जा को हटाने के निर्देश दिए गए ।