बीजापुर में टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित, 60–70 लोगों की जांच । अब एक्सरे मशीन घर घर ले जाकर मरिजों की हो रही जाँच । शासन प्रसाशन की तैयारी तेज ।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. BR पुजारी ने बताया हमारा मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य है।
जनवरी से अब तक ब्लाक में112 एवं जिले में 200 टीबी मरीज मिले, जिनका ईलाज जारी ।
बीजापुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बीजापुर नगर पालिका क्षेत्र में एक विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर ऐसे क्षेत्र में लगाया गया, जहां पूर्व में टीबी के मरीज पाए गए थे, ताकि हाई रिस्क आबादी की समय रहते जांच कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 60 से 70 लोगों की टीबी जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी से अब तक जिले में 112 टीबी मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं।
औसतन प्रति माह करीब 12 नए मरीज सामने आ रहे हैं। बीजापुर जिला राज्य के 11 चयनित जिलों में शामिल है, जहां टीबी स्क्रीनिंग अभियान विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है।
बीएमओ डॉ. चलापति राव ने बताया कि टीबी का समय पर पता लगना और मरीज द्वारा निर्धारित अवधि तक नियमित दवा लेना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार घर-घर पहुंचकर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले मरीजों को एक्स-रे और जांच के लिए अस्पताल आना पड़ता था,
लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग स्वयं पोर्टेबल एक्स-रे सुविधा के साथ गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर स्क्रीनिंग कर रहा है। टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को 6 माह तक निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपचार के दौरान मरीजों को पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है।
मरीज को उपचार अवधि में कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें 3,000 रुपये उपचार के दौरान तथा 3,000 रुपये उपचार पूर्ण होने पर प्रदान किए जाते हैं।
कार्यक्रम में टीबी सुपरवाइजर मानकू राम कवासी, सहायिका दामिनी साहनी (रेडियोग्राफर) सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या कमजोरी जैसी शिकायत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और टीबी की पुष्टि होने पर पूरा उपचार अवश्य लें।