नुक्कड़ नाटक के जरिए जंगलों को आग🔥 से बचाने ग्रामीणों को
किया जा रहा जागरूक ।🔥
माननीय श्री केदार कश्यप जी मंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छ.ग. शासन की ।
मंशा अनुसार, श्री अरूण पाण्डे जी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक छ. ग. के मार्गदर्शन एवं सुश्री स्टाइलो मण्डावी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन) एवं क्षेत्रीय निदेशक इन्द्रावती टायगर रिजर्व जगदलपुर, बस्तर-छ.ग. एवं श्री संदीप बलगा (भा.व.से.) उप निदेशक, इन्द्रावती टायगर रिजर्व,
बीजापुर, के निर्देशन में इन्द्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर, के विभिन्न हॉट बजारों एवं गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यप्राणी संरक्षण एवं अग्नि सुरक्षा हेतु जागरूक किया जा रहा है।
इन्द्रावती टायगर रिजर्व, घने जंगल एंव जैव विविधता का खजाना है जहां विभिन्न प्रकार की औषधि, जड़ी बुटिया, एवं लघु वनोपज पाई जाती है साथ ही छ.ग. का राजकीय पशु वन भैंसा बाघ, तेदुआ, भालू, गौर, चीतल, गिद्ध, ऊदबिलाव एवं अन्य विलुप्त प्रजाती के वन्यप्राणियों एवं पक्षिया पायी जाती है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया जा रहा है। वनों के विनाश से पर्यावरणीय अंसतुलन, जल संकट और भूमि क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है, इसी को ध्यान में रखते हुए लोगों को पेड़-पौधे लगाने एवं वन्यप्राणियों, जंगलों की रक्षा करने एवं वनों की आग से सुरक्षा कि लिये प्रेरित किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महुआ बिनने के लिए महुआ पेड़ के नीचे आग नहीं लगाने एवं तेंदुपत्ता बूटा कटाई के समय सही तरीके से बूटा कटाई करने एवं आग नहीं लगाने तथा पारद प्रथा द्वारा वन्यप्राणियों का शिकार नही करने के संबंध में अपील की गई। इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं इको विकास समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों की उपस्थिति में हिन्दी भाषा, हल्बी भाषा, गोंडी भाषा, तेलगु भाषा के माध्यम से ग्रामीणों को समझाया जा रहा है, कि जंगलों में आग लगाना या जलती आग को छोड़ देना गंभीर अपराध भी है। ग्रामीणों से अपील किया गया कि जंगल में आग न लगाये, जंगल को आग से बचाये यदि कही आग लगती है तो तत्काल वन विभाग के अधिकारी / कर्मचारी को सूचित करें, एवं आग बुझाने में मद्द करें, ताकि हम अपने पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा कर सके। यह अयोजन भोपालपटनम, मद्देड़, नैमेड़, फरसेगढ़, मोदकपाल, तोयनार, भैरमगढ़, कुटरू, बीजापुर, पुजारी कांकेर, बेदरे, सागमेटा, भीमाराम, के हॉट बजारों में कोंगपल्ली मेला एवं वरदली, वाडला, बारेगुड़ा तमलापल्ली, चेरपल्ली, रूद्राराम, माटवाड़ा, पिल्लूर, काण्डलापर्ती, धरमाराम, करकेली, कोण्डापल्ली ग्रामों में किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक का मंचन रासपरब सांस्कृतिक संस्था जगदलपुर द्वारा श्री आशुतोष प्रसाद एवं श्री राकेश यादव के निर्देशन में किया जा रहा है।